दिल क्या चाहता है ❤❤❤
पता नहीं ये दिल क्या चाहता है मिलती है जिन नजदीकियों से खुशियाँ उससे ही क्यों "फासला" चाहता है पता नहीं ये दिल क्या चाहता है💞 तेरी करीबी है मेरी खुशनसीबी दिल ये तुझसे बार-बार कहता है पता नहीं ये दिल क्या चाहता है💞 तेरी छुअन से होती है सिहरन फिर भी यही मन बार-बार चाहता है पता नहीं ये दिल क्या चाहता है💞 मेरे इंकार में भी तेरी "हाँ" चाहता है तेरी गुस्ताखियाँ बार- बार चाहता है पता नहीं ये दिल क्या चाहता है💞